उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 495 करोड़ रु0 की लागत से हो रहे गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में 495 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलनिगम के अधिकारियो को निर्देश दिए कि नाले पर दोनां तरफ से फेंन्सिग का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाये।

मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाले के निरीक्षण के उपरान्त उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब गोड़धोइया नाला नहीं था, तब गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र के लगभग 17 से 18 वॉर्ड वर्षा में पूरी तरह जलमग्न हो जाते थे। इसको पुनर्जीवित किया गया है। आज यह नाला नदी के रूप में बहता हुआ दिखाई देता है। विगत दिनों लगातार 15 घण्टों की बारिश के बाद भी इस नाले के कारण इस क्षेत्र में जल-जमाव नहीं हुआ। यह नाला 9.5 किलोमीटर लम्बा तथा 10 मीटर चौड़ा है। इस नाले में 18 किलोमीटर की सीवर टं्रक लाइन भी डाली गयी है। इससे नाले में कोई भी सीवर नहीं गिरेगा। गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ यातायात के लिए भी व्यवस्था की जायेगी। नाले में कोई न गिरे, इसके लिए सुरक्षात्मक उपाय भी किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नागरिक के रूप में हमारा प्रयास होना चाहिए कि नाले में कूड़ा न फेंके एवं गंदगी न करें। यह नाला आने वाले 50-100 वर्षों तक गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में वर्षा के जल को रामगढ़ताल एवं तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी तक पहुंचाने का कार्य करेगा। यदि हम नाले पर कब्जा करेंगे, कूड़ा डालेंगे, तो इससे पुनः जल-जमाव व गंदगी होगी तथा बीमारियां फैलेंगी। इनसे बचने के लिए ही गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार कार्य को पूरा किया गया है। इस नाले के निर्माण में जिन लोगों की जमीनें ली गई हैं, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाले में 36 एम0एल0डी0 क्षमता के एस0टी0पी0 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसमें 61 एम0एल0डी0 क्षमता का मेन पम्पिंग स्टेशन तथा इस पार से उस पार जाने के लिए 18 ब्रिज बनाये गये हैं। इस नाले के पुनरूद्धार से इस क्षेत्र की 03 लाख की आबादी लाभान्वित हो रही है। इससे यहां के लोगों को गंदगी तथा दूषित जल जनित बीमारियों से मुक्ति मिलेगी। इस नाले के दोनों तरफ सड़क का निर्माण तथा सघन वृक्षारोपण भी किया जायेगा। गोड़धोइया नाले की तरह सभी नालों का पुनरूद्धार होने से गोरखपुर महानगर जल-जमाव मुक्त हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर का लगातार विकास हो रहा है। विकास की प्रक्रिया में गोरखपुर के सभी निवासी शामिल हो रहे हैं। यह गोड़धोइया नाला विकास की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। मोहद्दीपुर से जेल बाईपास मार्ग, स्पोर्ट्स कॉलेज-बरगदवां मार्ग, असुरन-मेडिकल कॉलेज मार्ग तथा असुरन-पिपराइच मार्ग फोर लेन हो चुका है। किसी मार्ग के फोर लेन होने का मतलब, वहां की सम्पत्ति का मूल्य कई गुना बढ़ जाना होता है। इन मार्गों के कारण सम्बन्धित क्षेत्रों में व्यवसाय में वृद्धि हो रही है। नये-नये शोरूम खुल रहे हैं। इससे रोजगार के नये अवसरों का सृजन हो रहा है।

कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल तथा गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, विधायक विपिन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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