उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने जनपद फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया व बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उन्होंने फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज और अमृतपुर तीनों तहसीलों का निरीक्षण किया है। जिन 102 गांवों की जनता बाढ़ की विभीषिका से जूझने के लिए मजबूर हुई है, उन सभी के प्रति प्रदेश सरकार की पूरी संवेदनशीलता और संवेदना है। उन्होंने कहा कि वह यहां स्वयं इसलिए आए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को आश्वस्त कर सकें कि वह आपदा की इस घड़ी में अकेले नहीं हैं। डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है तथा उनकी आवश्यकता के अनुरूप हर सम्भव मदद उन तक पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आज जनपद फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण तथा बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरण करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित तीनों तहसीलों सदर, कायमगंज तथा अमृतपुर का निरीक्षण किया तथा राहत कार्यों की समीक्षा की। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट, आपदा मोचक निधि से राहत राशि तथा आश्रयहीन एवं बाढ़ में घर/भूमि गंवाने वाले परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधि विगत 15 दिनों से लगातार राहत कार्यों को तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विगत दिनों फर्रुखाबाद के विधायकों और जिलाध्यक्ष के साथ लखनऊ में हुई बैठक में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बारे में चर्चा की गई थी। इससे पहले यहां के प्रभारी मंत्री को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी व समीक्षा करने और उसकी प्रभावी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए भेजा गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर सरकार की संवेदना पीड़ितों के प्रति है और दूसरी ओर बाढ़ राहत कार्य के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है, वहां प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। अच्छी सरकार वही होती है, जो गरीबों, महिलाओं, किसानों तथा युवाओं आदि के हित के लिए कार्य करती है। बाढ़ पीड़ित परिवारों को जमीन का पट्टा देने के साथ-साथ बाढ़ में अपना घर गवां चुके जरुरतमन्दों को मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि अभी से जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। जैसे ही बाढ़ का पानी बाहर निकलता है, तत्काल पी0डब्ल्यू0डी0 के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कराया जाए, जिससे किसी का आवागमन बाधित न हो और कोई दुर्घटना न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपने घर में सुरक्षित रह सकते हैं, उनके घरों तक राहत सामग्री की किट पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। राहत सामग्री की यह किट लगभग 50 किलोग्राम की है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती, डिग्निटी किट सहित लगभग 50 प्रकार की सामग्री शामिल है। यह सामग्री प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जा रही है। पिछले 15 दिनों में विधायक सदर, विधायक कायमगंज और विधायक अमृतपुर ने जिला प्रशासन की मदद से प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षक द्वारा राहत शिविरों और गांवों में जाकर अलग से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधियों और सांसद ने गंगा नदी के उथले होने की बात कही है। स्वाभाविक रूप से जब नदी उथली होगी तो पानी का फैलाव होगा और इससे अन्नदाता किसान की फसल को नुकसान होगा। विगत 09 वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृत किया गया है, लेकिन जनप्रतिनिधियों का कहना बिल्कुल सही है कि इसका स्थायी समाधान पूरे क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करने में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसीलिए आज यहां आए और उन्होंने पूरी स्थिति को देखा है। वास्तव में यह यहां की आवश्यकता है। नदी को चैनलाइज करने से आसपास के गांवों को बाढ़ से प्रभावित होने से बचाया जा सकेगा, फसल सुरक्षित रहेगी और लोगों को राहत मिलेगी। ड्रेजिंग से निकलने वाली सामग्री का उपयोग बाहर की ओर तटबन्ध के रूप में किया जाए। इस पूरी परियोजना की अभी से योजना बनाकर ड्रेजिंग के कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जाए। जहां कहीं किसानों की थोड़ी-बहुत भूमि इस कार्य में आएगी, वहां उसका उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। फर्रुखाबाद को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से मुक्त करने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार फर्रुखाबाद, अमृतपुर और कायमगंज से जुड़े प्रभावित परिवारों को स्थायी समाधान के लिए आश्वस्त करती है। इसके लिए अन्नदाता किसानों का सहयोग आवश्यक है। अभी से प्लानिंग कर ड्रेजिंग के कार्य को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जाए। जहां किसानों की भूमि आएगी, वहां उचित मुआवजा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के मौसम में जलभराव के कारण सांप, बिच्छू और अन्य कीड़ों का भय रहता है। सरकार ने पहले से हर चिकित्सालय में एंटी-वेनम, एंटी-स्नेक वेनम और एण्टी-रेबीज वैक्सीन की व्यवस्था की है। पर्याप्त दवाओं की भी व्यवस्था की गई है। प्रत्येक सी0एच0सी0 और जिला अस्पताल में बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध होगी। प्रभावित क्षेत्रों और गांवों में पशुधन को भी नुकसान न हो, इसके लिए पशुओं के लिए चारा, वैक्सीन और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। यह पूरी तैयारी हर क्षेत्र में युद्ध स्तर पर चल रही है। जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और फील्ड लेवल की टीमें पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब फर्रुखाबाद बदल चुका है। फर्रुखाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे का लिंक एक्सप्रेस-वे आ रहा है, जो इसे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। फर्रुखाबाद में एक जंक्शन बन रहा है। अब फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक्सप्रेस-वे होगा। सड़कों के चौड़ीकरण, ब्रिजों के निर्माण और गांवों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। अधिकतर गांवों में बाढ़ आने के बावजूद कनेक्टिविटी बनी हुई है, क्योंकि सड़कें अच्छी हैं और लोग आवागमन कर पा रहे हैं। आने वाले समय में बाढ़ के संकट से मुक्ति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद खेती-किसानी का क्षेत्र है और यहां आलू किसान बहुतायत में हैं। विगत दिनों जनप्रतिनिधियों के साथ लखनऊ में बैठक में आलू किसानों की समस्याओं का विषय सामने आया था। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले किसानों के लिए आवश्यक भुगतान की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में पहली बार अन्नदाता किसानों को वे सभी लाभ प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी कभी लोग कल्पना किया करते थे। गन्ना किसानों के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल तक गन्ना मूल्य की व्यवस्था की गई है। गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान हो, पर्ची की समस्या न हो और गन्ने की तौल से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसान फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि और किसानों की फसलों के प्रोक्योरमेन्ट की व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है। फर्रुखाबाद क्षेत्र में मक्का की खेती को देखते हुए उसकी खरीद के लिए क्रय केन्द्र स्थापित करने की दिशा में भी सरकार ने प्रयास किए हैं और इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आलू किसानों के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पेरू की मदद से आगरा में आलू के अन्तरराष्ट्रीय केन्द्र का रीजनल सेन्टर स्वीकृत किया गया है, जिसने काम करना प्रारम्भ कर दिया है। दुनिया की बाजारों की मांग के अनुसार आलू किसानों को वैल्यू एडिशन से जोड़कर उनकी आमदनी कई गुना बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अन्नदाता किसानों के चेहरे पर खुशहाली आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से जिन अन्नदाता किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे की रिपोर्ट आते ही अन्नदाता किसान के खाते में सीधे डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी। प्रदेश सरकार प्रत्येक परिस्थिति में अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने युवाओं के साथ भी खड़ी है। अब युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है। प्रदेश में युवाओं को बिना भेदभाव के सरकारी नौकरी प्राप्त हो रही है। पुलिस भर्ती में नियुक्ति पत्र वितरित करते समय जब वह युवाओं से पूछते हैं कि कहां से आए हैं, तो फर्रुखाबाद के युवा भी नियुक्ति प्राप्त करने की बात बताते हैं। अब फर्रुखाबाद के साथ कोई भेदभाव व अन्याय नहीं कर सकता है। युवाओं के लिए आगे बढ़ने के ढेर सारे अवसर हैं। एम0एस0एम0ई0 को ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से ब्राणि्ंडग दी गई है। इससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो युवा अपना उद्योग लगाना चाहता है, उसके लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान है। जो युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहता है, उसके लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था है। गरीब बच्चों और निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा के बेहतरीन माहौल में प्रदेश को लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में होना है। निवेश का मतलब केवल उद्योग लगाना नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान, आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन के अवसर पैदा करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेटी पढ़ती है, तो वह केवल अपने परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को स्वावलम्बन की दिशा में अग्रसर करती है। बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। पहले विकासखण्डों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय आठवीं कक्षा तक संचालित होते थे, जिसके कारण अनेक बेटियां आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती थीं। अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 06 से 12वीं तक शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है, ताकि गरीब परिवारों की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा मिल सके। प्रदेश सरकार स्नातक अन्तिम वर्ष की मेधावी बेटियों के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के माध्यम से 50,000 बेटियों को लाभान्वित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सी0एम0 मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्वीकृत किए जा रहे हैं। पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक एक ही कैम्पस में बच्चों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एकीकृत परिसर में स्किलिंग और रोजगार के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर हर जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल स्किलिंग एण्ड एम्प्लॉयमेण्ट जोन बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्सिंग से जुड़े प्रदेश के 03 लाख 52 हजार कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कल उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारम्भ किया गया है। पहले अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सरकार से पैसा जाता था, लेकिन पूरा पैसा उनके खाते तक नहीं पहुंचता था। यह लूट अब नहीं चलेगी। किसी गरीब के पैसे में डकैती डालने की छूट किसी को नहीं मिलेगी। आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से कर्मचारियों को बेहतर मानदेय उपलब्ध कराया जाएगा। आउटसोर्स कार्मिकों को 20,000 रुपये न्यूनतम मानदेय प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। महीने की 05 तारीख तक धनराशि सीधे कर्मचारी के खाते में जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को ई0एस0आई0 अस्पताल के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। भविष्य निधि की व्यवस्था भी होगी। घटना-दुर्घटना, बेटी की शादी अथवा पुत्र-पुत्री की उच्च शिक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा कवर के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर तीन दिनों के लिए हर बेटी, बहन और माता के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम एवं सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही रक्षाबंधन के बाद 60 वर्ष की प्रत्येक माता के लिए लोकमाता अहिल्याबाई के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उनके नाम पर निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। अब कोई भी मां या बहन नातेदारी-रिश्तेदारी में जाना चाहती हो अथवा तीर्थ यात्रा पर जाना चाहती हो, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि शिक्षक बेखौफ होकर बच्चों के जीवन और भविष्य को संवारने में अपनी पूरी ताकत लगा सकें।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुशील कुमार शाक्य नागेन्द्र सिंह राठौर तथा डॉ0 सुरभी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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